भ्रष्टाचाराविरोधात माननीय न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना यांचा ठाम, निर्भीड आणि स्पष्ट न्यायिक दृष्टिकोन आज देशभरात चर्चेचा विषय ठरला आहे. हा निर्णय सार्वजनिक जीवनात प्रामाणिकतेची पुनर्स्थापना […]
सुप्रीम कोर्ट का ऐसा फैसला, जो देश की दिशा बदलेगा और राष्ट्र-निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगा।
भ्रष्टाचार नहीं, चरित्र चुनो—यही सच्चा राष्ट्रनिर्माण है। भ्रष्टाचार के खिलाफ माननीय न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना का यह सख्त और साफ रुख आज देशभर में चर्चा […]
बार काउंसिल चुनाव: IBA ने तय किए समर्थन के नियम
मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय बार एसोसिएशन (IBA) ने आगामी बार काउंसिल चुनावों में उम्मीदवारों को समर्थन देने के लिए साफ और स्पष्ट नियम बनाए हैं। एसोसिएशन […]
Bar Council Elections: Indian Bar Association Sets Conditions for Support
Mumbai/New Delhi: The Indian Bar Association (IBA) has laid down a set of clear and principled conditions for extending support to candidates contesting forthcoming Bar […]
बार कौन्सिल निवडणुका : भारतीय बार असोसिएशनने पाठिंब्यासाठी अटी जाहीर केल्या
मुंबई / नवी दिल्ली : आगामी बार कौन्सिल निवडणुकांच्या पार्श्वभूमीवर भारतीय बार असोसिएशन (IBA) ने उमेदवारांना पाठिंबा देण्यासाठी स्पष्ट, ठाम आणि तत्त्वनिष्ठ अटी जाहीर केल्या […]
When the Law Protects the Corrupt, the Nation Is Doomed
“When the law no longer protects you from the corrupt, but protects the corrupt from you, you know the nation is doomed.” State of Gujarat […]
Remedy against injustice by the Supreme Court judgments.
Supreme Court in the case of Ram Deo Chauhan Vs. Bani Kanta Das (2010) 14 SCC 209 admitted that there are cases where the judgments […]
कोणत्याही जजला अमर्यादित अधिकार नाही अवमानना प्रकरणांतही नाही न्यायिक विवेकाधिकार वर संविधानाची मर्यादा, दुरुपयोगावर कडक परिणाम
लेखक: अधिवक्ता ईश्वरलाल अग्रवाल कार्यकारी अध्यक्ष, इंडियन बार असोसिएशन नवी दिल्ली सर्वोच्च न्यायालयाने स्पष्ट केले आहे की देशातील न्यायपालिका मध्ये कोणत्याही स्तरावर, अवमानना (Contempt) प्रकरणांसह, […]
किसी भी जज को असीमित अधिकार नहीं अवमानना मामलों में भी नहीं न्यायिक विवेक पर संविधान की लगाम, दुरुपयोग पर कड़े नतीजे
लेखक: अधिवक्ता ईश्वरलाल अग्रवाल कार्यकारी अध्यक्ष, इंडियन बार एसोसिएशन नई दिल्ली सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित कानून बिल्कुल साफ है: देश की न्यायपालिका में किसी भी […]
NO UNLIMITED DISCRETION VESTS IN ANY JUDGE AT ANY JUDICIAL LEVEL, INCLUDING IN CONTEMPT PROCEEDINGS
Constitutional Limits on Judicial Power and the Consequences of Misuse of Discretion. By Adv. Ishwarlal Agarwal, Working President Indian Bar Association. This chapter summarizes the […]