ब्रेकिंग: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका से जस्टिस शील नागू हुए अलग; सुप्रीम कोर्ट ने मामला उचित पीठ के गठन के लिए CJI के समक्ष रखने का दिया निर्देश

नई दिल्ली, 28 जुलाई: एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जस्टिस यशवंत वर्मा के विरुद्ध FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका […]

ब्रेकिंग: न्यायमूर्ती यशवंत वर्मा यांच्याविरोधात FIR दाखल करण्याच्या याचिकेतून न्यायमूर्ती शील नागू यांनी घेतली माघार; योग्य खंडपीठासमोर सुनावणीसाठी प्रकरण CJI समोर ठेवण्याचे सर्वोच्च न्यायालयाचे निर्देश

नवी दिल्ली, २८ जुलै: एक महत्त्वपूर्ण घडामोडीत सर्वोच्च न्यायालयाने मंगळवारी न्यायमूर्ती यशवंत वर्मा यांच्याविरोधात FIR दाखल करण्याची मागणी करणारी याचिका योग्य खंडपीठासमोर सुनावणीसाठी भारताचे माननीय […]

बड़ी खबर: पूर्व CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ को बड़ा झटका! राशिद खान पठान की बॉम्बे हाईकोर्ट में बड़ी कानूनी जीत! डॉ. डी.वाई. चंद्रचूड़ एवं   वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन के विरुद्ध FIR दर्ज करने संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट से चार सप्ताह का समय मांगा; सरकार ने न्यायालय को निर्धारित अवधि में निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

केंद्र ने हाईकोर्ट में माना—BNSS की धारा 218 के तहत 120 दिनों में शिकायत पर निर्णय न होने पर ‘Deemed Sanction’ का प्रावधान लागू होता […]

28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका पर होगी सुनवाई; प्रसिद्ध जनहित याचिकाकर्ता अधिवक्ता घनश्याम उपाध्याय ने की है कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग

यशवंत वर्मा प्रकरण: FIR नहीं, कार्रवाई नहीं—देशभर में बढ़ा आक्रोश; कानूनी जगत का सवाल—जब NCERT की पुस्तक में ‘भ्रष्टाचार’ शब्द पर स्वतः संज्ञान लिया जा […]

२८ जुलै रोजी सर्वोच्च न्यायालयात माजी न्यायमूर्ती यशवंत वर्मा यांच्याविरोधात FIR दाखल करण्याच्या मागणीवरील याचिकेवर सुनावणी; प्रसिद्ध जनहित कार्यकर्ते अॅड. घनश्याम उपाध्याय यांनी न्यायालयाच्या देखरेखीखाली SIT चौकशीची केली मागणी

न्यायमूर्ती यशवंत वर्मा यांच्याविरोधात अद्याप FIR दाखल न झाल्याने देशभरात संताप; कायदेतज्ज्ञांचा सवाल – NCERT च्या पुस्तकात ‘भ्रष्टाचार’ हा शब्द वापरल्याबद्दल सर्वोच्च न्यायालय स्वतःहून (Suo […]

इंडियन बार असोसिएशनचे भारताच्या मुख्य न्यायमूर्तींना पत्र : “केवळ निकाल देणे नव्हे, तर योग्य वेळी हस्तक्षेप करणे हीदेखील सर्वोच्च न्यायालयाची घटनात्मक जबाबदारी”; “संविधानाने सोपविलेल्या कर्तव्यापासून पाठ फिरवता येणार नाही”; पेपरफुटी आणि जंतर-मंतर हिंसाचाराची स्वतःहून दखल घेऊन भविष्यात अशा घटनांची पुनरावृत्ती रोखण्यासाठी देशभर एकसमान राष्ट्रीय मार्गदर्शक तत्त्वे तयार करण्याची मागणी

इंडियन बार असोसिएशनने भारताच्या मुख्य न्यायमूर्तींना सविस्तर पत्र पाठवून परीक्षा प्रश्नपत्रिका फुटीची प्रकरणे, विद्यार्थी आंदोलने, जंतर-मंतरवरील निदर्शने, पोलीस आणि आंदोलकांमध्ये झालेला संघर्ष तसेच कायदा व […]

इंडियन बार एसोसिएशन का मुख्य न्यायाधीश (CJI)  को पत्र: “सिर्फ फैसले देना ही नहीं, समय पर हस्तक्षेप करना भी सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक जिम्मेदारी”; “संविधान ने जो दायित्व सौंपा है, उससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता”; पेपर लीक और जंतर-मंतर हिंसा पर स्वतः संज्ञान लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु देशभर के लिए एक समान राष्ट्रीय गाइडलाइन बनाने की मांग।

पत्र याचिका में छात्रों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों—सभी के संवैधानिक अधिकारों की समान सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। याचिका में […]