दिल्ली शराब नीति केस: क्या दिल्ली की अदालतों में बढ़ रही है ‘ज्यूडिशियल इंडिसिप्लिन’?

कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर दिल्ली की  निचली अदालतों के न्यायाधीशों के खिलाफ अदालत की अवमानना […]

दिल्ली शराब कमिशन घोटाले पर बड़ा सवाल! जनता के ₹338 करोड़ कौन लौटाएगा?  जनता के ₹338 करोड़ वापस करो — केजरीवाल, सिसोदिया और आम आदमी पार्टी की संपत्ति जब्त करो. राष्ट्रीय संविधान रक्षा समिति ने राष्ट्रपति को सौंपा विस्तृत संवैधानिक प्रतिवेदन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय संविधान रक्षा समिति ने दिल्ली आबकारी नीति 2021–22 से संबंधित कथित अनियमितताओं के मामले में ₹338 करोड़ से अधिक की नागरिक (सिविल) […]

दिल्ली दारू कमिशन घोटाळ्यावर मोठा सवाल! जनतेचे ₹338 कोटी कोण परत करणार? जनतेचे ₹338 कोटी परत द्या — केजरीवाल, सिसोदिया आणि आम आदमी पार्टीची मालमत्ता जप्त करा. राष्ट्रीय संविधान रक्षा समितीकडून राष्ट्रपतींकडे सविस्तर घटनात्मक निवेदन

नवी दिल्ली : दिल्ली आबकारी धोरण 2021–22 प्रकरण आता केवळ राजकीय वाद उरलेले नाही — तर थेट जनतेच्या पैशांचा प्रश्न बनला आहे. राष्ट्रीय संविधान रक्षा […]

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) करने का विवादित आदेश पारित करने वाले राउज़ एवेन्यू सीबीआई विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह के विरुद्ध आपराधिक अभियोजन, तत्काल निलंबन तथा अवमानना कार्यवाही की मांग करते हुए शिकायत दायर की गई है।

शिकायत में विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह के विरुद्ध  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 256, 257 और 198, अवमानना अधिनियम, 1971 की धाराएँ 2(b), […]

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया यांच्यासह 23 आरोपींना आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) करण्याचा वादग्रस्त आदेश देणारे राऊज अव्हेन्यू सीबीआय विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह यांच्या विरोधात फौजदारी खटला, तात्काळ निलंबन तसेच न्यायालयाचा अवमान (Contempt) कारवाईची मागणी करत तक्रार दाखल करण्यात आली आहे।

तक्रारीत विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह यांच्या विरोधात भारतीय न्याय संहिता (BNS) कलमे 256, 257 आणि 198, अवमानना अधिनियम 1971 मधील कलमे 2(b), 12 आणि […]

When the Same Supreme Court Bench Punishes a Poor Father and His Junior Advocate While Pardoning Corporate Giants and Their Senior Counsels on Identical Legal Grounds — The Constitutional Oath to Treat Every Litigant Equally Is Not Merely Being Bent. It Is Being Broken.

Court Records and Video Evidence Place the Justice Nagarathna Bench at the Centre of the Most Grave Allegation That Can Be Levelled Against a Court […]

Justice Dipankar Datta’s view that High Courts have no choice but to follow Supreme Court judgments even if they are per incuriam, is inconsistent with the authoritative pronouncements of Constitution Benches, including law laid down in National Insurance Co. Ltd. v. Pranay Sethi, (2017) 16 SCC 680.

By – Ayush Tiwari  Co Ordinator Junior Advocates and Law Students Association of India. The video recordings of the hearing shows that during the hearing […]