परमबीर सिंह की मुश्किलें बढ़ीं; हिरेन हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार होने का वाझे के कथित कबूलनामे में दावा

सचिन वाझे के न्यायालय के बाहर दिए गए कबूलनामे के संबंध में सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त भीमराज घाडगे का सीबीआई के समक्ष शपथपत्र

मुंबई, २८ सितंबर : मनसुख हिरेन की हत्या और उसके बाद की कथित लीपापोती परमबीर सिंह के कहने पर हुई थी, ऐसा सचिन वाझे ने उन्हें बताया था—यह दावा सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त भीमराज रोहिदास घाडगे ने सीबीआई के समक्ष प्रस्तुत शपथपत्र में किया है। उन्होंने २५ अगस्त २०२६ को एनआईए न्यायालय के कक्ष में वाझे के साथ हुई बातचीत का विवरण इस शपथपत्र में दर्ज किया है।

घाडगे ने कहा है कि मनसुख हिरेन की हत्या और उसके बाद की कथित लीपापोती में परमबीर सिंह की भूमिका की जांच की मांग को लेकर उन्होंने एनआईए विशेष एम.ए. क्र. ९२५/२०२६ में हस्तक्षेप आवेदन दाखिल किया है। इस आवेदन से संबंधित कार्यवाही के लिए वे २५ अगस्त को न्यायालय में उपस्थित थे। शपथपत्र में उल्लेख है कि जब वे न्यायालय के कक्ष में बैठे थे, तब वाझे स्वयं उनके पास आए और उनसे बातचीत की।

घाडगे के अनुसार, वाझे ने इस बातचीत में ७ अप्रैल २०२१ को हुई एक बैठक की जानकारी दी। उस दिन एनआईए के पुलिस महानिरीक्षक अनिल शुक्ला ने वाझे और परमबीर सिंह को एक कमरे में आमने-सामने बैठाया था। घाडगे ने दावा किया है कि वाझे ने उन्हें बताया कि उस बैठक में परमबीर सिंह ने कहा था कि वाझे ने उनके निर्देशों के अनुसार काम किया था।

घाडगे ने शपथपत्र में उल्लेख किया है कि वाझे ने आगे बताया कि मनसुख हिरेन की हत्या और उसके बाद की लीपापोती भी परमबीर सिंह के कहने पर हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये बातें उन्होंने स्वयं वाझे के मुंह से सुनी थीं और कानून के अनुसार उन पर विचार किया जाए, इसलिए वे इन्हें सीबीआई के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।

घाडगे ने शपथपत्र में यह पक्ष रखा है कि वाझे के ये बयान न्यायालय के बाहर दिया गया कबूलनामा (Extra Judicial Confession) हैं और यह आरोपी के विरुद्ध स्वीकार्य साक्ष्य है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि वे वाझे के साथ हुई बातचीत के संबंध में आगे बयान देने और जांच एजेंसी के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस साक्ष्य के आधार पर NIA Court की विशेषअदालत परमबीर सिंह को हत्या और आपराधिक साजिश के मामले में आरोपी बनाकरउनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट (Arrest Warrant) जारी कर सकती है।

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