“Kapil Sibal, Arvind Kejriwal, Retd. Justice A.S. Oka, Meenakshi Arora, Sanjay Hegade, Live Law, and The Hindu Named in Explosive  Complaint Alleging Organised Legal-Media Conspiracy to Influence Pending Judicial Proceedings and Target Judges Delivering Adverse Orders Against the Ecosystem”

Complaint Seeks Criminal Prosecution, Contempt Action, Cancellation of Licence to Practice, and Withdrawal of Senior Advocate Designation Against Kapil Sibal, Meenakshi Arora, Sanjay Hegde, Vivek […]

दिल्ली शराब नीति केस: क्या दिल्ली की अदालतों में बढ़ रही है ‘ज्यूडिशियल इंडिसिप्लिन’?

कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने पर दिल्ली की  निचली अदालतों के न्यायाधीशों के खिलाफ अदालत की अवमानना […]

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) करने का विवादित आदेश पारित करने वाले राउज़ एवेन्यू सीबीआई विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह के विरुद्ध आपराधिक अभियोजन, तत्काल निलंबन तथा अवमानना कार्यवाही की मांग करते हुए शिकायत दायर की गई है।

शिकायत में विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह के विरुद्ध  भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 256, 257 और 198, अवमानना अधिनियम, 1971 की धाराएँ 2(b), […]

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया यांच्यासह 23 आरोपींना आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) करण्याचा वादग्रस्त आदेश देणारे राऊज अव्हेन्यू सीबीआय विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह यांच्या विरोधात फौजदारी खटला, तात्काळ निलंबन तसेच न्यायालयाचा अवमान (Contempt) कारवाईची मागणी करत तक्रार दाखल करण्यात आली आहे।

तक्रारीत विशेष न्यायाधीश श्री जितेंद्र सिंह यांच्या विरोधात भारतीय न्याय संहिता (BNS) कलमे 256, 257 आणि 198, अवमानना अधिनियम 1971 मधील कलमे 2(b), 12 आणि […]

हाई कोर्ट जज की टिप्पणी पर ‘धमकी भरे पत्र’ से घिरे बार काउंसिल अध्यक्ष मनन मिश्रा .

नई दिल्ली: केरल उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश द्वारा की गई टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन […]

“कोर्ट में झूठ बोलोगे तो जेल तय, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश लागू — हाई कोर्ट ने दर्ज कराया मुकदमा”-Walmark Holdings Limited बनाम Fortis Healthcare Limited (2026 DHC 515)

नई दिल्ली: अब अदालत में झूठ बोलना और फर्जी हलफनामा दाखिल करना भारी पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा-निर्देशों के बाद दिल्ली हाई […]

“खोट्या प्रतिज्ञापत्रावर आता माफी नाही!”- न्यायालयाची दिशाभूल करणाऱ्यांविरुद्ध फौजदारी कारवाई अनिवार्य — सर्वोच्च न्यायालयाचा स्पष्ट आदेश, उच्च न्यायालयांकडून कडक अंमलबजावणी सुरू. [Walmark Holdings Limited v. Fortis Healthcare Limited (2026 DHC 515)]

नवी दिल्ली : न्यायालयात खोटे प्रतिज्ञापत्र दाखल करणे किंवा चुकीची माहिती सादर करणे आता गंभीर परिणामांना कारणीभूत ठरणार आहे. सर्वोच्च न्यायालयाच्या स्पष्ट निर्देशांनंतर दिल्ली उच्च […]