“Kapil Sibal, Arvind Kejriwal, Retd. Justice A.S. Oka, Meenakshi Arora, Sanjay Hegade, Live Law, and The Hindu Named in Explosive  Complaint Alleging Organised Legal-Media Conspiracy to Influence Pending Judicial Proceedings and Target Judges Delivering Adverse Orders Against the Ecosystem”

Complaint Seeks Criminal Prosecution, Contempt Action, Cancellation of Licence to Practice, and Withdrawal of Senior Advocate Designation Against Kapil Sibal, Meenakshi Arora, Sanjay Hegde, Vivek […]

“कपिल सिब्बल, अरविंद केजरीवाल, रिटायर्ड जस्टिस ए.एस. ओका, लाइव लॉ और द हिंदू के खिलाफ विस्फोटक संवैधानिक शिकायत — लंबित न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित करने और ‘इकोसिस्टम’ के खिलाफ आदेश देने वाले जजों को निशाना बनाने की साजिश का आरोप”

शिकायत में कपिल सिब्बल, मीनाक्षी अरोड़ा, संजय हेगड़े, विवेक तन्खा, कलीश्वरम राज, लाइव लॉ और द हिंदू के खिलाफ आपराधिक मुकदमा, अवमानना कार्रवाई, वकालत का […]

जजों के खिलाफ न्यायपालिका पर गंभीर आरोपों में भी जेल नहीं, बल्कि चेतावनी या ₹1 जुर्माना ही  सजा — प्रशांत भूषण केस में सुप्रीम कोर्ट ने तय की कोर्ट अवमानना की संवैधानिक सीमा, जो देश की सभी अदालतों और जजों पर बाध्यकारी नियम है।  [  Prashant Bhushan (Contempt Matter), In re, , (2021) 1 SCC 745 ]

प्रशांत भूषण केस ने उस भूले हुए लेकिन बाध्यकारी कानून को पुनर्जीवित किया, जिसके अनुसार न्यायपालिका की आलोचना अथवा “scandalisation” से जुड़े अवमानना मामलों में […]

आंध्र प्रदेश हायकोर्टच्या जजकडून ज्युनियर वकिलाला तुरुंगात पाठविण्याची धमकी; देशभरात संताप — बार संघटना एकवटल्या जजविरुद्ध फौजदारी आणि कोर्ट अवमानना अंतर्गत कारवाईसाठी सरन्यायाधीश आणि राष्ट्रपतींकडे केस दाखल    [Case No. : PRSEC/E/2026/0028945] जूनियर लॉयर्स अँड लॉ स्टुडंट्स असोसिएशनची BNS आणि Contempt अंतर्गत कारवाईची मागणी

“एका व्यक्तीवर झालेला अन्याय, संपूर्ण न्यायव्यवस्थेसाठी धोका असतो.” “Injustice anywhere is a threat to justice everywhere” देशभरातील बार संघटनांचा हा आता समान घोषवाक्य बनला आहे. […]

सुप्रीम कोर्टचा मोठा आदेश: निलेश ओझा प्रकरणात सर्व मुद्द्यांवर निर्णय घेण्याचे बॉम्बे हायकोर्टाला निर्देश

सुप्रीम कोर्टाने स्पष्ट शब्दांत सांगितले आहे की निलेश ओझा प्रकरणातील सर्व मुद्द्यांवर आता बॉम्बे हायकोर्टच निर्णय घेईल. त्यामुळे हायकोर्टाची ती आधीची भूमिका पूर्णपणे फेटाळली गेली […]

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बॉम्बे हाई कोर्ट को निलेश ओझा मामले में सभी मुद्दों पर फैसला करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि निलेश ओझा मामले में सभी मुद्दों पर फैसला अब बॉम्बे हाई कोर्ट ही करेगा। इससे हाई […]

सुप्रीम कोर्ट के  कोलेजियम के अधिकार असीमित नहीं! संविधान पीठ के फैसलों ने खींची सख्त सीमा

कोलेजियम  केवल उन्हीं उम्मीदवारों को जज बनाना होगा जो संविधान पीठ द्वारा तय कड़े मानकों पर खरे उतरते हों—और जो नहीं उतरते, उन्हें निलंबित या […]