[Historic Breaking] Bombay High Court Permits Filing of Vaccine Murder Case Against Bill Gates, Bill & Melinda Gates Foundation, Sundar Pichai of Google, YouTube, Public Health Foundation of India, Adar Poonawalla, Serum Institute, and Others  [Kiran Yadav Vs. State of Maharashtra Criminal Writ Petition No. 6159 of 2021. Order dated 22.04.2026]

The case has also received support from Robert Kennedy Jr., a close associate of United States President Donald Trump, and has been reported in detail […]

[ऐतिहासिक निर्णय] मुंबई उच्च न्यायालयाचा मोठा आदेश — बिल गेट्स, अदार पूनावाला, यूट्यूब, बिल अँड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, गूगलचे सुंदर पिचाई, पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया यांच्यासह डझनभर जणांविरुद्ध (Vaccine murder case) लस हत्या केस दाखल होणार!

किरण यादव विरुद्ध महाराष्ट्र राज्य | फौजदारी रिट याचिका क्र. ६१५९/२०२१ | आदेश दिनांक २२.०४.२०२६ या प्रकरणाला अमेरिकेचे राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प यांचे निकटवर्ती सहकारी रॉबर्ट […]

 [ऐतिहासिक फैसला] बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा आदेश — बिल गेट्स, अदार पूनावाला, यूट्यूब, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, गूगल के सुंदर पिचाई,   पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया,  समेत दर्जनों के खिलाफ वैक्सीन मर्डर केस दर्ज होगा!

किरण यादव बनाम महाराष्ट्र राज्य | क्रिमिनल रिट पिटीशन नं. 6159/2021 | आदेश दिनांक 22.04.2026  इस मामले को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी […]

सुप्रीम कोर्टचा मोठा आदेश: निलेश ओझा प्रकरणात सर्व मुद्द्यांवर निर्णय घेण्याचे बॉम्बे हायकोर्टाला निर्देश

सुप्रीम कोर्टाने स्पष्ट शब्दांत सांगितले आहे की निलेश ओझा प्रकरणातील सर्व मुद्द्यांवर आता बॉम्बे हायकोर्टच निर्णय घेईल. त्यामुळे हायकोर्टाची ती आधीची भूमिका पूर्णपणे फेटाळली गेली […]

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बॉम्बे हाई कोर्ट को निलेश ओझा मामले में सभी मुद्दों पर फैसला करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि निलेश ओझा मामले में सभी मुद्दों पर फैसला अब बॉम्बे हाई कोर्ट ही करेगा। इससे हाई […]

सुप्रीम कोर्ट के  कोलेजियम के अधिकार असीमित नहीं! संविधान पीठ के फैसलों ने खींची सख्त सीमा

कोलेजियम  केवल उन्हीं उम्मीदवारों को जज बनाना होगा जो संविधान पीठ द्वारा तय कड़े मानकों पर खरे उतरते हों—और जो नहीं उतरते, उन्हें निलंबित या […]

सुप्रीम कोर्ट की सभी अधिवक्ताओं को सख्त चेतावनी – बाध्यकारी पूर्व निर्णयों के विरुद्ध कोई तर्क स्वीकार्य नहीं — वकालत का उद्देश्य न्याय में सहयोग करना है, न कि स्थापित कानून के विरुद्ध निरर्थक बहस कर न्यायालय का समय बर्बाद करना। [Roma Ahuja v. State, 2026 INSC 336]

उक्त आदेश माननीय न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया तथा   प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ द्वारा पारित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्णतः स्पष्ट और बाध्यकारी […]