दिशा–सुशांत मामले में बड़ा धमाका! पूजा ददलानी का वीडियो और नई पेन ड्राइव CBI को सौंपी; आदित्य ठाकरे, रिया और डीनो मोरिया को बचाने की साजिश का आरोप!

समीर वानखेड़े को बदनाम कर जांच से हटाने की साजिश रची गई थी? शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी के वीडियो से नए सवाल; डीनो मोरिया की कथित करीबी शिवानी शर्मा की भूमिका की जांच की मांग!

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिवानी शर्मा को लंदन भेजने और एक लाख पाउंड देने का सनसनीखेज दावा; इंस्टाग्राम की डिलीट पोस्ट, कॉल डिटेल्स और डिजिटल रिकॉर्ड तुरंत बरामद करने की मांग!

मुंबई, 14 अक्टूबर: दिशा सालियन और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामलों में एक बार फिर सनसनीखेज मोड़ आने का दावा किया गया है। दिशा के पिता सतीश सालियन की ओर से CBI को नई पेन ड्राइव, वीडियो रिकॉर्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक लिंक और अन्य डिजिटल सामग्री सौंपकर तत्काल जांच की मांग की गई है। इस सामग्री में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी का कथित वीडियो बयान भी शामिल है।

अधिवक्ता निलेश ओझा की ओर से CBI को भेजे गए पत्र में गंभीर आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, डीनो मोरिया और अन्य व्यक्तियों को दिशा–सुशांत मामलों में कथित संलिप्तता के आरोपों से बचाने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई थी। इसी कथित साजिश के तहत पूर्व NCB अधिकारी समीर वानखेड़े को बदनाम करने और उनके पास मौजूद बताए जा रहे महत्वपूर्ण सबूतों की जांच बाधित करने का प्रयास किए जाने का संदेह जताया गया है।

पूजा ददलानी के वीडियो से ₹22 करोड़ की कथित डील पर नए सवाल!

पत्र के अनुसार, समीर वानखेड़े पर शाहरुख खान से ₹22 करोड़ मांगने और उनकी मैनेजर पूजा ददलानी से ₹50 लाख लेने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, CBI को सौंपे गए वीडियो में पूजा ददलानी द्वारा कथित तौर पर पैसे मांगने और भुगतान किए जाने से इनकार करने की बात कही गई है।

सतीश सालियन की ओर से मांग की गई है कि CBI इस वीडियो की सत्यता जांचे, पूरा मूल वीडियो हासिल करे और पूजा ददलानी का बयान दर्ज करे।

समीर वानखेड़े के पास दिशा–सुशांत मामले के महत्वपूर्ण सबूत होने का दावा!

पत्र में कहा गया है कि समीर वानखेड़े ने NCB की जांच के दौरान रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। यह भी दावा किया गया है कि उनके पास आदित्य ठाकरे, डीनो मोरिया और अन्य व्यक्तियों से संबंधित ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां तथा डिजिटल साक्ष्य थे, जिनसे दिशा सालियन और सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामलों में नई जानकारी सामने आ सकती थी।

आरोप है कि इसी पृष्ठभूमि में वानखेड़े को विवादों में फंसाकर उनकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने और जांच से दूर करने की साजिश रची गई।

अब सवाल उठाया गया है कि आखिर समीर वानखेड़े के पास कौन-से सबूत थे और उनकी जांच क्यों नहीं की गई? CBI से उनका बयान तत्काल दर्ज करने तथा उनके पास उपलब्ध सभी संबंधित रिकॉर्ड की जांच करने की मांग की गई है।

8 जून की रात शिवानी शर्मा ने डीनो मोरिया से संपर्क नहीं होने की पोस्ट डाली थी?

इस मामले में एक नए स्रोत गवाह की जानकारी का हवाला देते हुए डीनो मोरिया की कथित करीबी शिवानी शर्मा की भूमिका की जांच की मांग भी की गई है।

स्रोत के अनुसार, 8 जून 2020 को दिशा सालियन से जुड़ी घटना के आसपास शिवानी शर्मा ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर घबराहट व्यक्त करते हुए डीनो मोरिया से संपर्क नहीं हो पाने संबंधी पोस्ट डाली थी। दावा है कि बाद में ये पोस्ट डिलीट कर दी गईं।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद लंदन रवाना? एक लाख पाउंड दिए जाने का दावा!

पत्र में एक और गंभीर आरोप का उल्लेख किया गया है। स्रोत गवाह के अनुसार, 2 सितंबर 2026 के हाईकोर्ट आदेश के बाद 9 सितंबर को शिवानी शर्मा कथित तौर पर लंदन रवाना हुई थीं। इस यात्रा के संबंध में उन्हें लगभग एक लाख ब्रिटिश पाउंड दिए जाने का भी दावा किया गया है।

इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 से पहले की उनकी कई इंस्टाग्राम और टिकटॉक पोस्ट सितंबर 2026 के घटनाक्रम के बाद हटाए जाने का आरोप लगाया गया है।

CBI से उनके यात्रा रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, कॉल डिटेल्स, मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिलीट किए गए डिजिटल रिकॉर्ड की तत्काल जांच करने की मांग की गई है।

डिजिटल सबूत मिटने से पहले कार्रवाई करो; वरना कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग!

सतीश सालियन की ओर से चेतावनी दी गई है कि डिजिटल साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका को देखते हुए CBI को तत्काल संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को डेटा सुरक्षित रखने के निर्देश देने चाहिए।

साथ ही, जांच में कथित बाधा डालने वाले अधिकारियों, संभावित बिचौलियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की गई है।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज करने और नए डिजिटल साक्ष्यों की जांच में अनावश्यक देरी जारी रही, तो सक्षम न्यायालय से कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल—क्या CBI इन नए डिजिटल सबूतों की तह तक पहुंचेगी? क्या समीर वानखेड़े और पूजा ददलानी के बयान से नई जानकारी सामने आएगी? और क्या दिशा–सुशांत मामलों में कथित साजिश का सच उजागर होगा?

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