न्यायाधीश भी कानून से ऊपर नहीं! गंगा पर चिकन खाने कि कथित टिप्पणी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां को कानूनी नोटिस

लंबित विवाद पर सार्वजनिक टिप्पणी, हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित टिप्पणी और आरोपियों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने का संदेश देने का […]

The CJP (Cockroach Janta Party)’s demand for the withdrawal of all FIRs is not only unconstitutional but also constitutes an unlawful interference with the due administration of justice. Such a demand amount to a punishable offence under Indian law, particularly under the Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) and the law relating to Contempt of Court.

If any Minister, public servant, or other competent authority, acting under the pressure of such an unconstitutional and unlawful demand, decides to withdraw all FIRs […]

CJP (Cockroach Janta Party) द्वारा सभी FIR वापस लेने की मांग न केवल असंवैधानिक है, बल्कि न्याय के समुचित प्रशासन (Due Administration of Justice) में अवैध हस्तक्षेप भी है। ऐसी मांग भारतीय कानून के अंतर्गत, विशेष रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) संबंधी विधि के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकती है।

यदि कोई मंत्री, लोक सेवक या सक्षम प्राधिकारी ऐसी असंवैधानिक एवं अवैध मांग के दबाव में आकर कानून के विपरीत सभी FIR वापस लेने का […]

 ब्रेकिंग: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका से जस्टिस शील नागू हुए अलग; सुप्रीम कोर्ट ने मामला उचित पीठ के गठन के लिए CJI के समक्ष रखने का दिया निर्देश

नई दिल्ली, 28 जुलाई: एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जस्टिस यशवंत वर्मा के विरुद्ध FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका […]

ब्रेकिंग: न्यायमूर्ती यशवंत वर्मा यांच्याविरोधात FIR दाखल करण्याच्या याचिकेतून न्यायमूर्ती शील नागू यांनी घेतली माघार; योग्य खंडपीठासमोर सुनावणीसाठी प्रकरण CJI समोर ठेवण्याचे सर्वोच्च न्यायालयाचे निर्देश

नवी दिल्ली, २८ जुलै: एक महत्त्वपूर्ण घडामोडीत सर्वोच्च न्यायालयाने मंगळवारी न्यायमूर्ती यशवंत वर्मा यांच्याविरोधात FIR दाखल करण्याची मागणी करणारी याचिका योग्य खंडपीठासमोर सुनावणीसाठी भारताचे माननीय […]

बड़ी खबर: पूर्व CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ को बड़ा झटका! राशिद खान पठान की बॉम्बे हाईकोर्ट में बड़ी कानूनी जीत! डॉ. डी.वाई. चंद्रचूड़ एवं   वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन के विरुद्ध FIR दर्ज करने संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट से चार सप्ताह का समय मांगा; सरकार ने न्यायालय को निर्धारित अवधि में निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

केंद्र ने हाईकोर्ट में माना—BNSS की धारा 218 के तहत 120 दिनों में शिकायत पर निर्णय न होने पर ‘Deemed Sanction’ का प्रावधान लागू होता […]