सुप्रीम कोर्टचा मोठा आदेश: निलेश ओझा प्रकरणात सर्व मुद्द्यांवर निर्णय घेण्याचे बॉम्बे हायकोर्टाला निर्देश

सुप्रीम कोर्टाने स्पष्ट शब्दांत सांगितले आहे की निलेश ओझा प्रकरणातील सर्व मुद्द्यांवर आता बॉम्बे हायकोर्टच निर्णय घेईल. त्यामुळे हायकोर्टाची ती आधीची भूमिका पूर्णपणे फेटाळली गेली […]

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बॉम्बे हाई कोर्ट को निलेश ओझा मामले में सभी मुद्दों पर फैसला करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि निलेश ओझा मामले में सभी मुद्दों पर फैसला अब बॉम्बे हाई कोर्ट ही करेगा। इससे हाई […]

सुप्रीम कोर्ट के  कोलेजियम के अधिकार असीमित नहीं! संविधान पीठ के फैसलों ने खींची सख्त सीमा

कोलेजियम  केवल उन्हीं उम्मीदवारों को जज बनाना होगा जो संविधान पीठ द्वारा तय कड़े मानकों पर खरे उतरते हों—और जो नहीं उतरते, उन्हें निलंबित या […]

सुप्रीम कोर्ट की सभी अधिवक्ताओं को सख्त चेतावनी – बाध्यकारी पूर्व निर्णयों के विरुद्ध कोई तर्क स्वीकार्य नहीं — वकालत का उद्देश्य न्याय में सहयोग करना है, न कि स्थापित कानून के विरुद्ध निरर्थक बहस कर न्यायालय का समय बर्बाद करना। [Roma Ahuja v. State, 2026 INSC 336]

उक्त आदेश माननीय न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया तथा   प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ द्वारा पारित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्णतः स्पष्ट और बाध्यकारी […]

सुप्रीम कोर्टकडून देशातील सर्व वकिलांना कडक इशारा — बाध्यकारी पूर्वनिर्णयांच्या (binding precedents) विरोधात कोणताही युक्तिवाद स्वीकार्य नाही. वकिलीचा उद्देश न्यायप्रक्रियेला सहाय्य करणे हा आहे; स्थापित कायद्याच्या विरोधात निरर्थक युक्तिवाद करून न्यायालयाचा मौल्यवान वेळ वाया घालवणे नव्हे। [Roma Ahuja v. State, 2026 INSC 336]

“सदर आदेश मा. न्यायमूर्ती न. व्ही. अंजारिया व मा. न्यायमूर्ती प्रशांत कुमार मिश्रा यांच्या खंडपीठाने पारित केलेला आहे.” सुप्रीम कोर्टाने पूर्णपणे स्पष्ट आणि बंधनकारक स्वरूपात […]

“रुपाली चाकणकर के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर यदि राज्यपाल और CBI ने 2022 में कार्रवाई की होती, तो कई महिलाओं की इज्जत बचाई जा सकती थी!” — अशोक खरात मामले पर जनता का आक्रोश

महिला आयोग के दुरुपयोग, सरकार की चुप्पी और बढ़ते दुस्साहस का खुलासा — बड़ा साजिशी मामला सामने “अब तो न्याय दीजिए!” — जनता की आक्रामक […]

“रुपाली चाकणकरविरोधातील जनहित याचिकेवर  राज्यपाल आणि CBI ने  2022 मध्ये कारवाई झाली असती तर अनेक महिलांची अब्रू वाचली असती!” — अशोक खरात प्रकरणावर जनतेचा संतप्त सूर

महिला आयोगाचा गैरवापर, सरकारचे मौन आणि वाढलेले धाडस — मोठा कट उघडकीस “आता तरी न्याय द्या!” — जनतेची आक्रमक मागणी रुपाली चाकणकर आणि उद्धव ठाकरे […]

अशोक खरात प्रकरण में सतीश सालियान का SIT के सामने बड़ा दावा — दिशा सालियान मामले में भी रुपाली चाकणकर द्वारा महिला आयोग का दुरुपयोग कर गवाहों और शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाने का आरोप; राणे के खिलाफ ‘बनावटी FIR’ की साजिश के सबूत SIT के समक्ष प्रस्तुत।

सुशांत सिंह राजपूत मामले में नए सबूत और रोहन राय का संबंध उजागर — रोहन राय, उद्धव ठाकरे सहित दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सह-आरोपी? राणे […]